इस पहल का नेतृत्व फाउंडेशन बोर्ड के सदस्य एंव क्रमानुगत उद्यमी आनंद जगननाथन द्वारा किया जा रहा है।
लक्ष्य: इसका लक्ष्य भा.प्रौ.सं.कानपुर उद्यमिता सलाहकार नेटवर्क बनाना है जो भा.प्रौ.सं.कानपुर के पूर्व छात्रों एंव वर्तमान छात्रों दोनों के साथ उद्यमशीलता को बढ़ावा देता है। एक अन्य उप लक्ष्य पाठ्यक्रमों, कार्यक्रमों एंव प्रतियोगिताओं के साथ पाठ्यक्रम स्तर पर उद्यमिता की संस्कृति का निर्माण करना है।
उद्देश्य: एक विश्वसनीय गंतव्य (वेबसाइट, पूर्व छात्रों की सूची, बैठक आदि) जहां एक संभावित उद्यमी सलाह, विशेषज्ञता एंव फंडिंग लेने के लिए जा सकता है।
सदस्यता: पूर्व छात्र एंव वर्तमान संकाय सदस्य जिन्होंने निम्नलिखित में से एक अथवा एक से अधिक को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है:
- कंपनियाँ लॉन्च की हों
- वरिष्ठ उद्योग कार्यकारी के रूप में कार्य किया हो
- कंपनियाँ वित्तपोषित की हों
- अकादमिक अनुसंधान से उत्पाद तैयार किए हों
लाभार्थी: पूर्व छात्र एंव वर्तमान छात्र जिनके पास व्यावसायिक विचार है तथा उन्होंने विचार को क्रियान्वित करने में कुछ प्रगति की है। परिसर स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने एंव वर्तमान छात्रों को अवसर प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
तत्व: जिन तत्वों की पहचान की गई है उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:
- भा.प्रौ.सं.कानपुर फाउंडेशन एक व्यापक प्राधिकरण एंव मार्गदर्शन प्रदान करता है।
- यह कार्यक्रम के बारे में प्रचार-प्रसार करने का एक तंत्र है। यह शुरुआत में भा.प्रौ.सं.कानपुर न्यूज़लेटर, स्थानीय स्तर की बैठकों अथवा परिसर की मीटिंग के माध्यम से हो सकता है।
- एक वेबसाइट जो कार्यक्रम का विवरण प्रदान करती है तथा इसमें सदस्यों एंव लाभार्थियों के लिए आवेदन करने की एक व्यवस्था है।
- पाठ्यक्रम की डिज़ाइनिंग का नेतृत्व करने के लिए एक संकाय संपर्ककर्ता है।
- एक व्यवसाय योजना प्रतियोगिता एंव सीड फंडिंग प्राप्त करने के लिए एन कंपनियों का चयन।
प्रारंभ में, कार्यक्रम के लिए धन व्यक्तिगत दान के माध्यम से जुटाया जा सकता है। धीरे-धीरे, इसे भा.प्रौ.सं.कानपुर फाउंडेशन के लिए कुछ वित्तीय पुरस्कारों के साथ एक आत्मनिर्भर सीड निधि में परिवर्तित किया जा सकता है।
आपको संपर्क करने के लिए आमंत्रित हैं
प्रोफेसर प्रभात मुंशी, डी.ओ.आर.ए भा.प्रौ.सं. कानपुर को दान देने की आपकी योजना पर चर्चा करेंगे।
छोटे अथवा बड़े सभी योगदानों की गहराई से सराहना की जाएगी।