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  • SIIC, आईआईटी कानपुर ने औषधि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु ‘अमृतव’ कोहोर्ट 2 के शुभारंभ में सहयोग किया: CSR समर्थित पहल के अंतर्गत पाँच विजेताओं को अनुदान सहायता प्रदान

SIIC, आईआईटी कानपुर ने औषधि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु ‘अमृतव’ कोहोर्ट 2 के शुभारंभ में सहयोग किया: CSR समर्थित पहल के अंतर्गत पाँच विजेताओं को अनुदान सहायता प्रदान

AMRITVA-Cohort

SIIC, आईआईटी कानपुर ने औषधि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु ‘अमृतव’ कोहोर्ट 2 के शुभारंभ में सहयोग किया: CSR समर्थित पहल के अंतर्गत पाँच विजेताओं को अनुदान सहायता प्रदान

Kanpur , 20 February 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 20 फरवरी 2026: ‘अमृतव’ (Alliance for Medicinal Research, Innovation, Translation & Value Acceleration) के कोहोर्ट 2 का शुभारंभ नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में सचिव, औषधि विभाग के कार्यालय में किया गया। हाल ही में लॉन्च हुए कार्यक्रम के दौरान श्री मनोज जोशी (सचिव, औषधि विभाग) ने कार्यक्रम के विजेताओं की घोषणा की।

‘अमृतव’ Boehringer Ingelheim India Pvt. Ltd. की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) समर्थित पहल है, जिसे स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC), आईआईटी कानपुर द्वारा राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER), रायबरेली के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक एवं संस्थागत औषधीय अनुसंधान को उद्यमशीलता और बाज़ार-उन्मुख पहलों में रूपांतरित करना है, ताकि भारत के फार्मास्यूटिकल नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके।

सभा को संबोधित करते हुए श्री मनोज जोशी (सचिव, औषधि विभाग ) ने अनुसंधान के व्यावहारिक रूपांतरण को गति देने तथा औषधि क्षेत्र में नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने हेतु उद्योग–शिक्षा जगत सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। इस पहल को स्वदेशी अनुसंधान को प्रोत्साहन देने, स्टार्टअप्स के सृजन का समर्थन करने तथा सुलभ स्वास्थ्य समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

कोहोर्ट 2 के अंतर्गत पाँच विजेताओं को अपने अनुसंधान को व्यावसायीकरण की दिशा में आगे बढ़ाने हेतु अनुदान सहायता प्रदान की गई। तीन संकाय सदस्यों को प्रत्येक ₹8.0 लाख तथा दो शोधार्थियों को प्रत्येक ₹6.0 लाख की अनुदान राशि प्रदान की गई। वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, चयनित अनुदानार्थियों को संरचित मेंटरशिप, विनियामक मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा सहायता तथा बाज़ार-प्रवेश संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जाएगा, जिससे व्यवहार्य उत्पादों और उद्यमों के विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

‘अमृतव’ कार्यक्रम एक सुव्यवस्थित क्षमता-विकास मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें मेंटरशिप सत्र, उद्यमिता उन्मुखीकरण, उद्योग की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का परिचय तथा प्रयोगशाला-आधारित अनुसंधान से स्केलेबल स्वास्थ्य समाधानों तक संक्रमण हेतु मार्गदर्शी सहयोग शामिल है। यह पहल औषधि खोज, फॉर्मुलेशन विकास, उन्नत औषधि वितरण प्रणालियाँ तथा फार्मास्यूटिकल विज्ञान के अन्य उभरते क्षेत्रों जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है।

यह कार्यक्रम भारत के औषधीय अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय आर्थिक विकास और जन-स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देने के लिए एक समन्वित प्रयास को दर्शाता है।

अमृतव कार्यक्रम के बारे में:

‘अमृतव’ (Alliance for Medicinal Research, Innovation, Translation & Value Acceleration) Boehringer Ingelheim की CSR समर्थित पहल है, जिसे स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC), IIT Kanpur द्वारा National Institute of Pharmaceutical Education and Research (NIPER), Raebareli के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक एवं संस्थागत औषधीय अनुसंधान को उद्यमशील और बाज़ार-उन्मुख पहलों में परिवर्तित करना है।

SIIC, आईआईटी कानपुर के बारे में

स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC), आईआईटी कानपुर की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। यह भारत के सबसे शुरुआती और सबसे बड़े प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटरों में से एक, जिसके पास 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वर्तमान में 500 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दे रहा है। एसआईआईसी रक्षा, एयरोस्पेस, फिनटेक, स्वास्थ्य और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देता है। यह केंद्र फाउंडेशन फॉर रिसर्च एंड इनोवेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (FIRST) के अंतर्गत कार्यरत है, जो आईआईटी कानपुर द्वारा प्रोत्साहित एक गैर-लाभकारी संस्था है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।