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भा.प्रौ.सं.कानपुर
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आईआईटी कानपुर और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के बीच वैश्विक जनस्वास्थ्य और मेडटेक में रणनीतिक साझेदारी, MoU पर हस्ताक्षर

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आईआईटी कानपुर और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के बीच वैश्विक जनस्वास्थ्य और मेडटेक में रणनीतिक साझेदारी, MoU पर हस्ताक्षर

कानपुर , 13 February 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 13 फरवरी 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की, जिसका उद्देश्य वैश्विक जनस्वास्थ्य और संबंधित डीप-टेक क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों का अन्वेषण करना था। यह दौरा अंतरराष्ट्रीय संबंध कार्यालय द्वारा समन्वित किया गया और निदेशक कार्यालय में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ सम्पन हुआ।

कनाडा से आए प्रतिनिधिमंडल में विश्वविद्यालय के शीर्ष शैक्षणिक और स्वास्थ्य विज्ञान नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें डॉ. माइकल बेनारोच (अध्यक्ष एवं कुलपति), डॉ. पीटर निकर्सन (अधिष्ठाता, रेडी फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज), डॉ. जोसे जी. लावोई (अधिष्ठाता, कॉलेज ऑफ कम्युनिटी एंड ग्लोबल हेल्थ),  डॉ. जेम्स ब्लैंचर्ड (कार्यकारी निदेशक, इंस्टिट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ) तथा डॉ. मारिसा बेकर (निदेशक, टेक्निकल कोलैबोरेशंस, इंस्टिट्यूट फॉर ग्लोबल पब्लिक हेल्थ, की मौजूदगी रही।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और संस्थान की शैक्षणिक एवं शोध क्षमताओं के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने आगामी गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज और टेक्नॉलजी, और कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी सहित प्रमुख पहलों का उल्लेख किया तथा मेडटेक क्षेत्र में आईआईटी कानपुर की बढ़ती नेतृत्व भूमिका को रेखांकित किया, जो प्रतिनिधिमंडल की विशेष रुचि का विषय रहा।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों की अधिष्ठाता प्रो. बुशरा अतीक ने आईआईटी कानपुर की विस्तारित वैश्विक साझेदारियों का विवरण प्रस्तुत किया और दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग के संभावित मार्गों पर चर्चा की। स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. दीपू फिलिप ने नवाचार पारितंत्र का अवलोकन प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार यह स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान हेतु मेडटेक नवाचारों को आगे बढ़ा रहा है।

चर्चाओं का केंद्र संस्थागत संबंधों को मजबूत करना और वैश्विक जनस्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, डेटा विज्ञान, आर्टफिशल इन्टेलिजन्स (AI), स्वास्थ्य-उन्मुख मेडटेक तथा मेडिकल डिवाइस क्षेत्रों में संयुक्त शोध को बढ़ावा देना रहा। विचार-विमर्श को डॉ. वसंतकुमार नमासिवायम (पूर्व आईएएस) और श्री विकास गोठलवाल (पूर्व आईएएस) के सुझावों से भी समृद्धि मिली, जिन्होंने जनस्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में तकनीक आधारित दृष्टिकोण पर जोर दिया।

दौरे के अंत में दोनों संस्थानों के बीच व्यापक शैक्षणिक और शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत साझा शैक्षणिक कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों का विकास, शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के लिए संकाय गतिशीलता, छात्रों के अध्ययन और शोध आदान-प्रदान, तथा संयुक्त शोध, प्रकाशन और संगोष्ठियों जैसे शैक्षणिक आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा। साझेदारी में डिजिटल तकनीक, डेटा विज्ञान, स्वास्थ्य मेडटेक और मेडिकल डिवाइस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यह पहल बहु-विषयक विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी और परिणामकारी समाधान विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आईआईटी कानपुर ने इस साझेदारी को दीर्घकालिक रूप से आगे बढ़ाने और शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा नवाचार आधारित परिणामों को प्रोत्साहित करने की आशा व्यक्त की है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, IIT कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, IIT कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।