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भा.प्रौ.सं.कानपुर

आईआईटी कानपुर ने विश्व ईवी दिवस 2026 पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टिकाऊ इकोसिस्टम पर चर्चा की

World EV Day 2026

आईआईटी कानपुर ने विश्व ईवी दिवस 2026 पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टिकाऊ इकोसिस्टम पर चर्चा की

Kanpur , 11 September 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 11 सितंबर 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) ने अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के सहयोग से संचालित GREET (इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ग्रिड की तैयारी: सहायक उपाय और तकनीकी विकास) परियोजना के तहत विश्व ईवी दिवस 2026 के अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का विषय “भारत के लिए टिकाऊ और ग्रिड-रेडी ईवी इकोसिस्टम का निर्माण” था।

इस कार्यक्रम का समन्वय आईआईटी कानपुर के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. सैकत चक्रवर्ती प्रोफेसर, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में आईआईटी कानपुर के अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता प्रो. जयंधरन जी. राव, CESC के सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक श्री राजीब दास सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में शिक्षा जगत, उद्योग, सरकार और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI), हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU), कानपुर और पीएसजीआर कृष्णम्मल कॉलेज फॉर वूमेन, कोयंबटूर सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इस दौरान भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में हो रहे बदलाव के तकनीकी, नीतिगत और बाजार से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।

तकनीकी सत्रों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली ग्रिड के लिए तैयार करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इनमें स्मार्ट चार्जिंग, वितरण नेटवर्क पर प्रभाव, बिजली की गुणवत्ता, पीक डिमांड का प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण, चार्जिंग मानक और व्हीकल-टू-ग्रिड (V2G) जैसी उभरती तकनीकें शामिल थीं। वक्ताओं ने बड़े स्तर पर ईवी को अपनाने के लिए भरोसेमंद, एक-दूसरे के साथ संगत और ग्रिड की जरूरतों के अनुसार काम करने वाले चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर जोर दिया।

नीतिगत चर्चाओं में परिवहन और बिजली क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय, उपयुक्त बिजली दरों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मानकों, नियामक सहयोग तथा केंद्र और राज्य स्तर की ईवी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों ने कहा कि ईवी क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए स्थिर नीतिगत वातावरण, तकनीकी नवाचार और निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक होगी।

कार्यक्रम में भारत में तेजी से बदलते ईवी बाजार और उपभोक्ताओं द्वारा ईवी को अपनाने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई। इसमें वाहनों की कीमत, वाहन के कुल स्वामित्व की लागत, चार्जिंग की उपलब्धता, ड्राइविंग रेंज, बैटरी का प्रदर्शन, वित्तीय सुविधाएं और उपभोक्ताओं का भरोसा जैसे विषय शामिल थे। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने ईवी इकोसिस्टम को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, चार्जिंग उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण घटकों के क्षेत्र में घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

चर्चा से यह प्रमुख निष्कर्ष सामने आया कि भारत में ईवी को बढ़ावा देने के लिए तकनीक, नीति, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण, बाजार के विकास और उपभोक्ताओं की जरूरतों को एक साथ ध्यान में रखते हुए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। प्रतिभागियों ने आगे की दिशा के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने, अनुसंधान एवं प्रदर्शन परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने तथा स्मार्ट और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया।

ANRF के सहयोग से आईआईटी कानपुर में संचालित GREET परियोजना का उद्देश्य देश में ईवी की बढ़ती संख्या और बिजली ग्रिड के साथ उसके संबंध से जुड़ी तकनीकी एवं प्रणालीगत चुनौतियों का समाधान करना है। यह परियोजना भारत में टिकाऊ, भरोसेमंद और ग्रिड-रेडी ईवी इकोसिस्टम के विकास में योगदान देने पर केंद्रित है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 21 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 590 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: www.iitk.ac.in