कॉर्पअलायंस भा.प्रौ.सं. कानपुर फाउंडेशन द्वारा आरंभ किए गए सहयोगात्मक प्रयास का प्रतिनिधित्व करता है, जो भा.प्रौ.सं. कानपुर के साथ घनिष्ठ साझेदारी में कार्य कर रहा है। इस पहल का संचालन फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. अक्षय रूंचाल एंव भा.प्रौ.सं. कानपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रोफेसर अजीत चतुर्वेदी कर रहे हैं।
मूलतः कॉर्पअलायंस का प्राथमिक उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र एंव भा.प्रौ.सं. कानपुर के बीच सक्रिय अनुसंधान एंव विकासशील साझेदारी स्थापित करना है। यह प्रयास ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने का प्रयत्न करता है जहां औद्योगिक भागीदार भा.प्रौ.सं. कानपुर में उपलब्ध बौद्धिक संसाधनों एंव अनुसंधान सुविधाओं का सुलभता से लाभ उठा सकें। यह सहयोग संकाय एंव छात्रों को वर्तमान तथा भविष्य की उद्योग से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान के भीतर संचालित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं पर कॉर्पअलायंस सदस्यों के साथ जुड़ने के लिए सशक्त बनाएगा।
कॉर्पअलायंस एक सदस्यता-आधारित संगठन के रूप में कार्य करेगा, जिसमें औद्योगिक भागीदार मामूली वार्षिक शुल्क, लगभग $50,000 का योगदान देंगे। बदले में, भा.प्रौ.सं. कानपुर अपने परिसर के भीतर एक स्थानीय फोकल प्वाइंट संगठन स्थापित करेगा, जो कॉर्पअलायंस सदस्यों एंव संस्थान के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करेगा। सदस्यों को सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास सामग्रियों तथा वेब-आधारित प्रस्तुतियों सहित भा.प्रौ.सं. कानपुर लाइब्रेरी द्वारा पेश किए गए संसाधनों तक प्राथमिकता का आनंद मिलेगा। उन्हें लक्षित क्षेत्रों में चल रही अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं, घोषणाओं, स्टार्टअप पहलों एंव गतिविधियों पर नियमित अपडेट भी प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें आगामी अनुसंधान एवं विकास के अवसरों के बारे में सूचित रहने का अवसर मिलेगा और वे प्रासंगिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाले संकाय सदस्यों के साथ बैठकों का अनुरोध कर सकते हैं।
संकाय की भागीदारी को अनुसंधान एवं विकास अनुदान अथवा यात्रा सहायता के रूप में मुआवजे के साथ प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे इस सहयोगी उद्यम में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
भा.प्रौ.सं. कानपुर को दान देने के लिए प्रोफेसर प्रभात मुंशी, डी.ओ.आर.ए कार्यालय से संपर्क करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। सभी बड़े अथवा छोटे योगदान की गहराई से सराहना की जाएगी।