आजीवन सीखना शिक्षा का वह बुनियादी पहलू है जो औपचारिक शिक्षा की पारंपरिक सीमाओं से अलग है। यह व्यक्ति के निरंतर सीखने एवं कौशल विकास के महत्व पर बल देता है जिसके कारण व्यक्ति पेशेवर दुनिया एवं समाज की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने में सक्षम होता है। भा.प्रौ.सं. कानपुर में आजीवन सीखने की अवधारणा संस्थान के बुनियादी तत्वों में गहराई से अंतर्निहित है, और छात्रों, शिक्षकों और व्यापक समुदाय के बीच निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई है।
भा.प्रौ.सं. कानपुर की मान्यता है कि सीखना किसी विशिष्ट अवधि या डिग्री कार्यक्रम तक ही सीमित नहीं है वरन् ऐसे व्यक्तियों को सशक्त करना है जो सीखने, नवाचार एवं व्यक्तिगत विकास के प्रति गहन समर्पण रखते हैं। इसे प्राप्त करने के लिए, संस्थान नियमित पाठ्यक्रम के अलावा भी, आजीवन सीखने के लिए विभिन्न अवसर प्रदान करता है।
भा.प्रौ.सं. कानपुर में आजीवन सीखने के प्रमुख तरीकों में से एक सतत शिक्षा केंद्र (सीसीई) के तत्वावधान में संचालित सतत शिक्षा कार्यक्रम है। सभी शैक्षणिक आउटरीच गतिविधियाँ जैसे सम्मेलन, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में अत्याधुनिक विकास पर अल्पकालिक पाठ्यक्रम, पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, अभियांत्रिकी कॉलेजों के लिए संकाय विकास कार्यक्रम, निकटतम शिक्षण संस्थानों के लिए शिक्षक प्रशिक्षण एवं अन्य समान संस्थान की गतिविधियाँ सीसीई के मार्गदर्शन में संचालित होती हैं। सीसीई की गतिविधियों को दो प्रमुखों, अर्थात् गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (क्यूआईपी) तथा सतत शिक्षा सेल (सीईसी) के तहत विनियमित किया जाता है। क्यूआईपी एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों के शिक्षकों के लिए डिग्री कार्यक्रम (पीएचडी एवं एमटेक) संचालित करता है। यह विशिष्ट क्षेत्रों में अभियांत्रिकी कॉलेजों के शिक्षकों के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुसार डिज़ाइन किए गए अल्पकालिक सेवाकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी संचालित करता है। दूसरी ओर, सीईसी उद्योग के पेशेवरों के लिए अल्पकालिक सतत शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित करता है। केंद्र कुछ अन्य विशिष्ट गतिविधियों जैसे संस्थान के विदेशी भाषा एवं संस्कृत भाषा कार्यक्रमों को भी मार्गदर्शन प्रदान करता है।
स्नातक होने के बाद भी आप भा.प्रौ.सं. कानपुर की शैक्षणिक उत्कृष्टता से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह कार्यक्रम अल्पकालिक पाठ्यक्रम, कार्यशालाएं एवं संगोष्ठी आयोजित कराते हैं जो कामकाजी पेशेवरों तथा अपने ज्ञान एवं कौशल को बढ़ाने के इच्छुक व्यक्तियों की आवश्यकताओं को पूर्ण करते हैं। पाठ्यक्रम अभियांत्रिकी, विज्ञान, प्रबंधन एवं मानविकी सहित कई विषयों तक फैला हुआ है तथा इन कार्यक्रमों में भाग लेकर छात्र अपने चयनित विषय में नवीनतम प्रगति से आगे बढ़ते हुए अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए नए कौशल अर्जित कर सकते हैं।