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आईआईटी कानपुर एवं जीएसवी वडोदरा के बीच परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स अनुसंधान तथा प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग

MoU GSV

आईआईटी कानपुर एवं जीएसवी वडोदरा के बीच परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स अनुसंधान तथा प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग

Kanpur , 1 April 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 31 मार्च 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) और गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) , वडोदरा ने 24 मार्च 2026 को शिक्षा , प्रशिक्षण , कौशल विकास तथा अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन ( MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का विशेष ध्यान परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्रौद्योगिकी पर रहेगा।

यह समझौता आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल तथा जीएसवी के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी द्वारा , प्रो. तरुण गुप्ता (अधिष्ठाता , अनुसंधान एवं विकास) , प्रो. योगेश सिंह चौहान (विभागाध्यक्ष , विद्युत अभियांत्रिकी और रेलवे अनुसंधान केंद्र) और प्रो. दीपु फिलिप (प्रोफेसर-इन-चार्ज , स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) तथा टेक्नोपार्क @ IITK) की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस सहयोग के अंतर्गत जीएसवी के स्नातक छात्रों को आईआईटी कानपुर में वांतरिक्ष प्रशिक्षण और उन्नत प्रयोगशालाओं का अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही , रेलवे अनुसंधान तथा संबंधित क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा और रेल , सड़क , वांतरिक्ष तथा समुद्री क्षेत्रों में अंतःविषयक अनुसंधान एवं डिजाइन गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी।

यह साझेदारी रेल , सड़क , वांतरिक्ष , समुद्री और अंतर्देशीय जलमार्गों सहित विभिन्न परिवहन माध्यमों में एकीकृत अनुसंधान एवं डिजाइन को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस ( AI) , मशीन लर्निंग , कंप्यूटर विज़न तथा बुद्धिमान परिवहन प्रणालियों जैसी डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह सहयोग परिवहन क्षेत्र में स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देगा तथा यात्रा की गति , विश्वसनीयता और सुरक्षा में सुधार लाने में सहायक होगा। इसके माध्यम से परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं के निर्यात के अवसर भी सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त , संकाय विनिमय कार्यक्रमों और जीएसवी के छात्रों के लिए आईआईटी कानपुर की प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण मानकों को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है।

यह साझेदारी प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान के विज़न को आगे बढ़ाने में सहायक होगी , जिसके अंतर्गत स्वदेशी प्रौद्योगिकी और विनिर्माण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 580 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।