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भा.प्रौ.सं.कानपुर

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 के अंतर्गत IIT कानपुर में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

Skill-Development-Program-under-PMKVY-4

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 के अंतर्गत IIT कानपुर में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

Kanpur , 11 March 2026

Source: Information and Media Outreach Cell, IIT Kanpur

कानपुर, 11 मार्च 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के इमैजिनियरिंग लैब में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई 4.0) के अंतर्गत “असिस्टेंट मशीनिस्ट – आयरन एंड स्टील” कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। इस कार्यक्रम में 4-i लैब, सेंट्रल वर्कशॉप और टिंकरिंग लैब का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

यह पहल भारत सरकार के विकसित भारत के विजन के अनुरूप है। आईआईटी कानपुर में इस प्रकार का कौशल विकास कार्यक्रम पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम से जुड़ी आधुनिक तकनीकों में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

यह कोर्स कुल 420 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो 70 दिनों तक चलेगा। इसमें प्रतिदिन 6 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत संस्थान चरणबद्ध तरीके से लगभग 360 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है, जिससे उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत आगे चलकर निम्नलिखित कोर्स भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे: आयरन एंड स्टील – असिस्टेंट मशीनिस्ट, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन – कोबोट्स इंजीनियर और एडवांस्ड मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियर।

पहले चरण मेंकानपुर के लगभग 40 प्रतिभागियों ने असिस्टेंट मशीनिस्ट – आयरन एंड स्टील कोर्स के लिए पंजीकरण कराया है।

यह कार्यक्रम प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर और प्रो.तरुण गुप्ता, डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से संचालित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय प्रो. बिशाख भट्टाचार्य और डॉ. अमनदीप सिंह ओबेरॉय ने किया, जो इसके शैक्षणिक और तकनीकी क्रियान्वयन की देखरेख कर रहे हैं।

इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव मशीनिंग, पारंपरिक और उन्नत मेटल कटिंग प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे उद्योग के लिए तैयार हो सकें।

इस पहल का उद्देश्य भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अगली पीढ़ी के मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन उद्योगों के लिए एक मजबूत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

देश की प्रगति के लिए इंजीनियरिंग ज्ञान और तकनीकी कौशल का प्रसार करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

आईआईटी कानपुर के बारे में

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है।