आगामी कार्यक्रम
- अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस एवं वसंत काव्योत्सव: अप्रैल 2026
- पस्कॉलर-इन-रेसिडेंस (आवासीय विद्वान) का आमंत्रण: मई/जून 2026
- साहित्यिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता: जून 2026
- अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए हिन्दी भाषा शिक्षण कक्षाएं: जुलाई से नवंबर 2026
- NSS स्वयंसेवकों द्वारा शैक्षणिक सामग्री का निर्माण
- शैक्षणिक सामग्री अनुवाद का विस्तार
पशिवानी केंद्र, राजभाषा प्रकोष्ठ तथा हिन्दी साहित्य सभा के सहयोग से, भाषाई विविधता को बढ़ावा देने और हिन्दी में साहित्यिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने हेतु आईआईटी कानपुर में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस एवं वसंत काव्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आमंत्रित विशेषज्ञों के साथ “शिक्षा, तकनीक और प्रशासन में राजभाषा का कार्यान्वयन” विषय पर एक पैनल चर्चा (परिचर्चा) आयोजित की जाएगी। वसंत काव्योत्सव में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों तथा छात्रों द्वारा काव्य-पाठ किया जाएगा, जो रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा तथा मातृभाषा की समृद्धि का उत्सव मनाएगा।
सुश्री मृणाल पांडे (पत्रकार एवं लेखिका) अथवा श्री अशोक चक्रधर (लेखक, कवि एवं आलोचक) जैसे विद्वानों को आईआईटी कानपुर के छात्रों के साथ संवाद हेतु आमंत्रित किया जाएगा। भाषा-विज्ञान, अनुवाद, कला और तकनीक के क्षेत्रों में उनके अनुभव का उपयोग कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण सत्रों के संचालन के लिए किया जाएगा।
शिवानी केंद्र द्वारा देश के व्यापक साहित्यिक एवं पौराणिक ज्ञान पर आधारित एक साहित्यिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य आईआईटी कानपुर के छात्रों में समकालीन साहित्य और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
शिवानी केंद्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए हिन्दी भाषा शिक्षण कक्षाओं के दूसरे बैच की शुरुआत की जाएगी। इससे पूर्व ये कक्षाएं 23 जनवरी 2025 से प्रारंभ होकर मई 2025 तक संचालित की गई थीं। इन कक्षाओं का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के परिसर (कैंपस) अनुभव को बेहतर बनाना तथा उनके दैनिक संवाद को सुगम करना है।
प्रो. नीरज चवाके (NSS समन्वयक) के मार्गदर्शन में, NSS स्वयंसेवक शैक्षणिक सत्र 2026–27 (द्वितीय सेमेस्टर) में प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों के लिए हिन्दी अथवा अन्य भारतीय भाषाओं में वीडियो तथा व्याख्यात्मक पाठ्य-सामग्री तैयार करेंगे।
शिवानी केंद्र, CERTEX तथा DoAA के सहयोग से, शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रथम वर्ष की शैक्षणिक सामग्री का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने की योजना प्रस्तावित की जा रही है। समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, रिकॉर्ड किए गए व्याख्यानों का लिप्यंतरण किया जाएगा तथा उन्हें हिन्दी, तेलुगु एवं अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में अन्य भाषाओं को भी इसमें शामिल करने की संभावना रहेगी।