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इंजीनियरिंग कालेजों के लिए तैयार करेंगे नया पाठ्यक्रम : प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी
अत्यधिक गर्मी के बाद इस साल मानसून सीजन भी अप्रत्याशित रहा। जून और जुलाई में पानी नहीं बरसा तो अगस्त महीने में पूरे सीजन की कुल वर्षा का आधे से ज्यादा पानी बरस गया। मौसम में तीव्र बदलाव को जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है। जलवायु परिवर्तन को लेकर पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है। सस्टेनबल यानी सतत ऊर्जा और सर्कुलर इकानामी को जलवायु परिवर्तन रोकने का उपाय माना जा रहा है। आइआइटी कानपुर में कोटक स्कूल आफ सस्टेनविलिटी की स्थापना की गई है। आइआइटी प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी इस स्कूल के पहले डीन बने हैं।
New Research By IIT Kanpur Professor Sheds Light On Air Pollution Sources & Impact On Health In North India
New research from Prof. Sachchida Nand Tripathi of the Department of Civil Engineering and the Department of Sustainable Energy Engineering, Indian Institute of Technology, Kanpur (IIT Kanpur) has identified the major sources of harmful air pollutants along with their impact on human health in Northern India.
IIT Kanpur sets up new centre of excellence to monitor air quality
The Indian Institute of Technology (IIT) Kanpur has established a new centre of excellence — ATMAN (Advanced Technologies for Monitoring Air-quality iNdicators) that will focus on building indigenous low-cost sensor manufacturing and AI/ML capabilities to enhance air quality.