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कानपुर, 25 अप्रैल, 2025: शिक्षा मंत्रालय की पहल ‘साथी’ (SATHEE) का उद्देश्य सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच प्रदान करना है, विशेषकर उन छात्रों को जिन्हें गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और शैक्षणिक सहयोग तक सीमित पहुंच मिल पाती है। यह दृष्टि अब पुडुचेरी में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जहां 571 सरकारी स्कूलों के छात्र एक विशेष पहल के तहत NEET कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में साथी के संसाधन व्यक्तियों द्वारा शैक्षणिक सहयोग, अध्ययन सामग्री, साप्ताहिक मॉक टेस्ट और दैनिक अभ्यास परीक्षण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
NEET परीक्षा के निकट आते ही इस वर्ष पुडुचेरी में निर्धारित केंद्रों पर प्रत्यक्ष कक्षाओं के माध्यम से साथी का सहयोग और मजबूत किया गया है। यह कार्यक्रम परीक्षा से पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों की तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए आयोजित 30-दिवसीय क्रैश कोर्स का हिस्सा है। इस पहल से छात्रों को अधिक निकट शैक्षणिक मार्गदर्शन, बेहतर निगरानी और उनकी सहभागिता में वृद्धि सुनिश्चित हो रही है। कार्यक्रम की शुरुआत में छात्रों के सीखने के स्तर और विषयगत तैयारी को समझने के लिए एक प्रारंभिक डायग्नोस्टिक आकलन भी किया गया। उल्लेखनीय है कि इस कोचिंग कार्यक्रम में पंजीकृत छात्रों में 450 छात्राएं शामिल हैं। साथी द्वारा छात्रों को अध्ययन सामग्री, दैनिक अभ्यास परीक्षण और साप्ताहिक फुल लेंथ मॉक टेस्ट भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें वास्तविक परीक्षा का अनुभव प्राप्त हो सके। यह पहल नियमित मूल्यांकन, संरचित अभ्यास और निरंतर शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से छात्रों को तैयार करने का लक्ष्य रखती है। इसके अतिरिक्त, एआई-आधारित आकलन के माध्यम से छात्रों की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें लक्षित मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जा रही है। यह कार्यक्रम पिछले वर्ष के अनुभवों पर आधारित है, जब साथी ने पुडुचेरी के सरकारी स्कूलों के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से सहयोग प्रदान किया था। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष 158 छात्रों ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की थी और 36 छात्रों ने पुडुचेरी के मेडिकल संस्थानों में प्रवेश लिया था। इन सकारात्मक परिणामों से प्रेरित होकर इस वर्ष इस पहल को अधिक संरचित भौतिक कोचिंग मॉडल में परिवर्तित किया गया है। इसी प्रकार, पंजाब के सरकारी स्कूलों के लिए भी साथी एक ऑनलाइन कैंप आयोजित कर रहा है, जिसमें लगभग 1,300 छात्र भाग ले रहे हैं। पंजाब में भी साथी का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया है, जहां NEET उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या 2024 में 335 से बढ़कर 2025 में 497 हो गई है, जो साथी द्वारा समर्थित शैक्षणिक हस्तक्षेपों के बाद एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। विभिन्न राज्यों में साथी का निरंतर विस्तार प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में छात्रों की तैयारी, आत्मविश्वास और प्रदर्शन को सुदृढ़ करने में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रभावी शैक्षणिक सहयोग प्रदान कर रहा है। आईआईटी कानपुर के बारे में 1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध, आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसका 1,050 एकड़ का हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से समृद्ध है। संस्थान में 20 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हैं। 570 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्रों के साथ, आईआईटी कानपुर नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता में अग्रणी बना हुआ है। |
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